6-Feb-2020, Rohtak

पीजीआई रोहतक में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज दाखिल किया गया है। मरीज के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेज दिए गए हैं। संस्थान के आईसोलेशन वार्ड में वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में मरीज केो रखा गया है। यह मरीज 28 जनवरी को चीन से लौटा है। वह चीन में एमबीबीएस कर रहा है।
चीन में इन दिनों कोरोना वायरस का प्रकोप है। 28 जनवरी को रोहतक लौटने के बाद उसकी तबीयत कुछ खराब हो गई और कोरोना वायरस के लक्षण दिखाए देने लगे। उसके सिर और पूरे शरीर में दर्द था। फिर परिजन उसे पीजीआई लेकर पहुंचे। पीजीआई में डॉ. मंजूनाथ की अगुवाई में एक टीम ने संदिग्ध मरीज के सैंपल लिए और लैब में जांच के लिए भेज दिए। इन सैंपल की जांच एम्स दिल्ली में होगी। वहां से रिपोर्ट 3 दिन में मिलेगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि रिपोर्ट पॉजिटिव या निगेटिव। फिर आगे का इलाज किया जाएगा। फिलहाल इस युवक को आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। गौरतलब है कि पीजीआई ने हाल ही में कोरोना वायरस के मद्देनजर आपातकालीन विभाग के सी ब्लॉक को आईसोलेशन वार्ड बनाया था। पल्मोनरी क्रिटिकल केयर के अध्यक्ष डॉ. धुव चौधरी के नेतृत्व में डॉ. दीपक जैन और डॉ. पवन कुमार सिंह को नोडल अफसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संदिग्ध मरीज का इलाज कर रहे डा. मंजूनाथ का कहना है कि मरीज की लैब रिपोर्ट के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने कहा कि चीन से आए यात्री कोरोना वायरस से न घबराएं, सावधानी रखें व इलाज कराएं। कोरोना वायरस के लक्षण खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ होती है। यदि किसी व्यक्ति को यह लक्षण हो तो वह लापरवाही न बरते और तुरंत चिकित्सक से ही परामर्श ले। वायरस के लक्षण पाए जाने वाले मरीज मास्क का प्रयोग करें तथा परिवार और लोगों से दूरी बनाए रखें। घर से बाहर घूमने न जाएं। खांसते और छींकते समय टिश्यू पेपर या रूमाल का प्रयोग करें। सिविल सर्जन ने बताया कि वायरस का कोई भी लक्षण मिलने पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 011-23978046 या राज्य हेल्पलाईन नंम्बर 85588-93911 पर या अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

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